सत्तू भारतीय भोजन का एक पारंपरिक और पौष्टिक हिस्सा है, जिसे खासतौर पर गर्मियों में काफी पसंद किया जाता है। यह न केवल शरीर को ठंडा रखता है बल्कि इसे एक संपूर्ण आहार के रूप में भी जाना जाता है। सत्तू मुख्य रूप से भूने हुए चने से तैयार किया जाता है, लेकिन इसे जौ, मकई और अन्य अनाजों के साथ भी बनाया जा सकता है। आज हम आपको घर पर शुद्ध और हेल्दी सत्तू बनाने की विधि बताएंगे, साथ ही इसके फायदों के बारे में भी चर्चा करेंगे।
सत्तू क्या है?सत्तू दरअसल चने, जौ, या अन्य अनाजों को भूनकर और पीसकर बनाया जाता है। यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन, कैल्शियम, और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों से भरपूर होता है। बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में सत्तू बहुत लोकप्रिय है और इसे विभिन्न व्यंजनों में इस्तेमाल किया जाता है, जैसे सत्तू का पराठा, सत्तू का शरबत, और सत्तू की लड्डू।
घर पर सत्तू बनाने की विधि आवश्यक सामग्री:-
1 किलो चने (बिना छिलके वाले)
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250 ग्राम जौ (वैकल्पिक)
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1 टीस्पून काला नमक
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1 टीस्पून जीरा
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1 टीस्पून सौंफ
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½ टीस्पून काली मिर्च (वैकल्पिक)
चना और जौ भूनना:
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सबसे पहले चनों को अच्छे से धो लें और धूप में सुखा लें।
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अब एक भारी तले की कढ़ाही में बिना तेल डाले चनों को धीमी आंच पर भूनें।
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जब चने कुरकुरे और हल्के सुनहरे रंग के हो जाएं, तो उन्हें प्लेट में निकाल लें।
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इसी तरह जौ को भी भून लें और ठंडा होने दें।
मसालों को तैयार करें:
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अब जीरा और सौंफ को हल्का सा भून लें ताकि उनकी खुशबू बढ़ जाए।
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इन्हें ठंडा होने के बाद चनों और जौ के साथ मिक्स करें।
सत्तू पीसना:
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अब सभी भुने हुए चने, जौ, जीरा, सौंफ और काली मिर्च को मिक्सर या ग्राइंडर में डालकर बारीक पीस लें।
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इसे एक छलनी से छान लें ताकि मोटे टुकड़े अलग हो जाएं।
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आपका शुद्ध और घरेलू सत्तू तैयार है।
स्टोरेज:
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तैयार सत्तू को किसी एयरटाइट कंटेनर में भरकर रख लें।
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इसे ठंडी और सूखी जगह पर रखें ताकि यह लंबे समय तक खराब न हो।
पाचन में सुधार:
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सत्तू में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या को दूर करता है।
ऊर्जा बढ़ाने वाला सुपरफूड:
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यह शरीर को इंस्टेंट एनर्जी देता है और दिनभर एक्टिव बनाए रखता है।
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खासतौर पर गर्मियों में यह डिहाइड्रेशन से बचाने में मदद करता है।
वजन घटाने में सहायक:
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सत्तू का सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग से बचा जा सकता है और वजन कम करने में मदद मिलती है।
डायबिटीज और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल:
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सत्तू ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखता है और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में सहायक होता है।
हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है:
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इसमें मौजूद कैल्शियम और प्रोटीन हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद:
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इसमें एंटीऑक्सीडेंट होते हैं जो त्वचा को चमकदार बनाते हैं और बालों को मजबूत करते हैं।
सत्तू शरबत (मीठा और नमकीन)
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सत्तू को पानी में घोलकर, नींबू, काला नमक और थोड़ा सा गुड़ मिलाकर एक स्वादिष्ट और एनर्जेटिक शरबत बनाया जाता है।
सत्तू पराठा
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सत्तू को मसालों के साथ मिलाकर आटे में भरकर पराठा बनाया जाता है, जो बेहद स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है।
सत्तू लड्डू
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सत्तू में गुड़ और घी मिलाकर टेस्टी और हेल्दी लड्डू बनाए जाते हैं।
सत्तू चीला
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बेसन की तरह सत्तू से भी स्वादिष्ट और हेल्दी चीला बनाया जा सकता है।
सत्तू एक संपूर्ण आहार है जो हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद होता है। यह शरीर को ठंडक पहुंचाने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करता है। अगर आप अपने आहार में कोई हेल्दी और पारंपरिक चीज़ शामिल करना चाहते हैं, तो सत्तू सबसे बेहतरीन विकल्प है। इसे बनाना बेहद आसान है और इसे कई तरह से इस्तेमाल किया जा सकता है। तो आज ही घर पर सत्तू बनाएं और इसके फायदों का आनंद लें!
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