बिहार में बिजली वितरण कंपनियों ने रिकॉर्ड राजस्व एकत्र किया है। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस उपलब्धि का श्रेय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को दिया है। उन्होंने कहा कि यह नीतीश कुमार के दूरदर्शी नेतृत्व और राज्य सरकार की जनोन्मुखी नीतियों के सकारात्मक प्रभाव के कारण संभव हुआ है। बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी की दोनों सहायक वितरण कंपनियों ने पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 2,005 करोड़ रुपये यानी 13.27 प्रतिशत अधिक राजस्व एकत्र कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। वितरण कम्पनियों द्वारा एकत्रित कुल 17,114 करोड़ रुपये के राजस्व में से एनबीपीडीसीएल ने 7,937 करोड़ रुपये और एसबीपीडीसीएल ने 9,177 करोड़ रुपये अर्जित किए।
उन्होंने रिकार्ड राजस्व संग्रहण के लिए ऊर्जा विभाग, दोनों वितरण कम्पनियों के अधिकारियों, सभी अभियंताओं और राजस्व संग्रहण में लगे सभी कर्मचारियों को बधाई देते हुए प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं का भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता के निरन्तर सहयोग और बिजली बिलों के शीघ्र भुगतान के कारण वितरण कम्पनियों को यह उपलब्धि हासिल हुई है।
24X7 गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि जनता और ऊर्जा विभाग के बीच आपसी समन्वय, कम्पनियों की अच्छी सेवाएं और 24X7 गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति की उपलब्धता के कारण उपभोक्ता नियमित रूप से अपने बिजली बिलों का भुगतान कर रहे हैं। इस कारण वितरण कम्पनियों ने रिकॉर्ड राजस्व एकत्र किया। उन्होंने कहा कि अच्छी ग्राहक सेवा, ग्राहक शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करना तथा लोगों से सीधा संवाद भी राजस्व संग्रहण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऊर्जा सचिव पंकज कुमार पाल ने कहा कि बिलिंग और संग्रहण दक्षता वितरण कंपनियों के प्रदर्शन के मूल्यांकन का पैमाना है। बढ़ी हुई बिलिंग और संग्रहण दक्षता और उत्पादकता के कारण, वितरण कंपनियां बिना किसी अतिरिक्त वित्तीय बोझ के पिछले कई वर्षों से राज्य के ग्राहकों को निर्बाध सेवा प्रदान करने में सक्षम रही हैं।
बिजली की दर में 15 पैसे प्रति यूनिट की कमी
वित्तीय वर्ष 2023-24 में अच्छे राजस्व संग्रहण के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2024-25 में बिजली दरों में 15 पैसे प्रति यूनिट की कमी का लाभ भी सभी उपभोक्ताओं को मिलेगा। इस वर्ष भी अच्छे राजस्व संग्रहण के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में 50 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 54 पैसे प्रति यूनिट, ग्रामीण स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को 79 पैसे तथा शहरी क्षेत्रों में स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को 25 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
ए.टी.एंड.सी. घाटे में कमी
ऊर्जा सचिव ने कहा कि यह रिकॉर्ड राजस्व संग्रह एटीएंडसी घाटे को कम करने में वितरण कंपनियों के महत्वपूर्ण योगदान और आरडीएसएस के तहत शुरू की गई हानि कम करने वाली परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के कारण भी संभव हुआ है। इसके अलावा, स्मार्ट प्रीपेड मीटरों ने भी इस रिकॉर्ड राजस्व संग्रह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इसके साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों ने कुल 1600 करोड़ रुपये का भुगतान किया है, जिसका भुगतान केंद्रीय स्तर पर नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, राजस्व एवं भूमि सुधार, खेल, शिक्षा, पंचायती राज, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग और आईसीडीएस निदेशालय द्वारा किया गया।
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