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ममता बनर्जी की वॉर्निंग, VHP, RSS और BJP ने भी दे दिया चैलेंज, बंगाल में आखिर राम नवमी पर क्यों घमासान?

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पश्चिम बंगाल में राम नवमी के आयोजन को लेकर सियासी घमासान मचा है। ममता बनर्जी सरकार और बीजेपी आमने-सामने है। इधर विश्व हिंदू परिषद ने कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका कर दी है। वीएची ने बांकुरा के सालतोरा में राम नवमी पर जुलूस निकालने की अनुमति मांगी है। सालतोरा एक आदिवासी इलाका है। पहले, जिला पुलिस ने जुलूस निकालने की अनुमति नहीं दी थी। जस्टिस तीर्थंकर घोष की बेंच ने VHP की याचिका स्वीकार कर ली है। इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई होगी।
RSS की भी एंट्री image

VHP का कहना है कि जिला पुलिस ने उन्हें सालतोरा में जुलूस निकालने की अनुमति इसलिए नहीं दी, क्योंकि उसी दिन, 6 अप्रैल को, उसी जगह पर दूसरे जुलूस भी होने हैं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की पश्चिम बंगाल इकाई का कहना है कि जुलूस प्रशासनिक नियमों के अनुसार ही निकाले जाएंगे। नियमों को तोड़ने का कोई सवाल ही नहीं उठता।


ऐसे शुरू हुआ राम नवमी के आयोजन को लेकर विवाद image

बुधवार को राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गए। यह सब तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा के एक बयान के बाद हुआ। मदन मित्रा ने कहा कि अगर कोई रामनवमी के त्योहार पर तनाव पैदा करने की कोशिश करेगा, तो वह पिटे बिना घर नहीं लौट पाएगा। मैं आपसे अनुरोध करता हूं कि अपनी ताकत दिखाने के लिए रामनवमी का दिन न चुनें। मदन मित्रा के इस बयान पर बीजेपी के पूर्व लोकसभा सदस्य दिलीप घोष ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि पहले तृणमूल कांग्रेस के नेता सीधे खड़े होना सीखें, फिर ऐसी चुनौती दें। उन्होंने कहा कि मैं भी देखूंगा कि मुझे कौन घर में रहने के लिए मजबूर कर सकता है।


सुवेंदु अधिकारी को 2000 रैलियां निकालने का ऐलान image

पश्चिम बंगाल के विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा था कि इस साल रामनवमी पर कम से कम 2,000 रैलियां निकाली जाएंगी, जिनमें छोटी और बड़ी दोनों शामिल होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल रामनवमी की रैलियों में पिछले साल की तुलना में दोगुनी भीड़ होगी। उन्होंने कहा, 'रामनवमी इस साल बड़े पैमाने पर मनाई जाएगी। मैं उस दिन सड़कों पर रहूंगा। पिछले साल रामनवमी के अवसर पर रैलियों में भाग लेने के लिए लगभग 50 लाख हिंदू सड़कों पर थे। पिछले साल 1000 रैलियां थीं। इस साल 2000 रैलियां होंगी और लगभग एक करोड़ हिंदू इन रैलियों में भाग लेंगे।'


बंगाल पुलिस पर हिंदुओं को डराने का आरोप image

पश्चिम बंगाल में बीजेपी के पूर्व राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और लोकसभा के पूर्व सदस्य दिलीप घोष ने पुलिस पर एक आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस रामनवमी के त्यौहार को लेकर लोगों में बेवजह डर फैला रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने 2 से 9 अप्रैल तक सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। सिर्फ इमरजेंसी में ही छुट्टी मिलेगी। दिलीप घोष ने कहा कि पुलिस का यह फैसला गैरजरूरी है। दिलीप घोष ने कहा कि ऐसे डराने वाले फैसले सिर्फ हिन्दू त्योहारों के समय ही लिए जाते हैं। पुलिस को उन लोगों पर ध्यान देना चाहिए जो परेशानी खड़ी करते हैं। हिन्दू तो शांति से अपने धार्मिक काम करते हैं। दुर्गा पूजा में लाखों लोग आते हैं, कोई झगड़ा नहीं होता। सत्ताधारी पार्टी की आदत हो गई है कि वो डर और तनाव पैदा करे। उन्होंने यह भी कहा कि रामनवमी के जुलूस में कोई गड़बड़ नहीं होगी, अगर पुलिस उन लोगों को सख्ती से संभाले जो इस मौके पर तनाव फैलाना चाहते हैं।


बंगाल पुलिस ने जताई बड़ी साजिश की आशंका image

पश्चिम बंगाल पुलिस के दो बड़े अफसरों ने मीडिया को बताया था कि उन्हें जानकारी मिली है कि कुछ लोग आने वाले दिनों में हिंसा भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। उनका निशाना रामनवमी का त्योहार हो सकता है। अतिरिक्त महानिदेशक सुप्रतिमा सरकार ने कहा कि कुछ लोग पोस्टर या पोस्ट के जरिए लोगों को भड़काने की योजना बना रहे हैं। पुलिस अलर्ट है। अलग-अलग समुदायों के लोगों के बीच तनाव पैदा करने की कोशिश हो सकती है, खासकर रामनवमी के मौके पर। हमने लोगों से अपील की है कि वो भड़कावे में न आएं। डरने की कोई बात नहीं है। लेकिन साथ ही, हम लोगों से यह भी कह रहे हैं कि अगर उन्हें अपने इलाके में कोई भी शक वाली चीज दिखे तो वे तुरंत पुलिस को बताएं।


ममता बनर्जी ने दी चेतावनी image

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम जानते हैं कि भगवान राम ने रावण को मारने के लिए देवी दुर्गा से आशीर्वाद लेने के लिए शरद ऋतु में उनकी पूजा की थी। हमारी दुर्गा पूजा हर साल उसी समय होती है, यह भगवान राम द्वारा देवी दुर्गा की पूजा को ध्यान में रखकर की जाती है। क्या वह राम नवमी नहीं थी? इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी कि राम नवमी के अवसर पर राज्य में शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को प्रशासन नहीं बख्शेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि दंगा जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश न करें। पश्चिम बंगाल के लोग दंगों के खिलाफ हैं। हम रामकृष्ण परमहंस के उपदेशों का पालन करते हैं, न कि 'जुमला पार्टी' के प्रचारों का। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राम नवमी के अवसर पर राज्य में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। वह लोगों को बांटने और दंगा जैसी स्थिति पैदा करने के लिए एक नया धार्मिक सिद्धांत लाए हैं। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि वह और उनकी पार्टी हमेशा धार्मिक अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा के लिए तत्पर हैं।


राम नवमी पर टिकीं बंगाल की निगाहें image

पश्चिम बंगाल में रामनवमी का विशेष महत्व है। यहां यह त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन लोग राम मंदिरों में दर्शन करने जाते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। जगह-जगह जुलूस निकाला जाता है। इस साल रामनवमी को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमाया हुआ है। VHP और अन्य हिंदू संगठन बड़े पैमाने पर जुलूस निकालने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर कोई अशांति फैलाने की कोशिश करेगा तो उसे बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे में, यह देखना दिलचस्प होगा कि इस साल रामनवमी का त्योहार कैसा मनाया जाता है। क्या यह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होगा या कोई अप्रिय घटना घटेगी? सभी की निगाहें इस पर टिकी हैं। वहीं कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले पर भी नजरें हैं।

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