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'मुसलमानों को डराने का काम आप कर रहे हैं, हम नहीं', राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक पर विपक्ष को किरेन रिजिजू का जवाब

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नई दिल्ली, 4 अप्रैल . अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष के इन आरोपों को खारिज कर दिया है कि सरकार अल्पसंख्यकों को डराने के लिए यह विधेयक लाई है. राज्यसभा में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पर गुरुवार को हुई लंबी चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मुसलमानों को डराने और गुमराह करने का काम विपक्ष कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विधेयक से मुसलमानों को कोई नुकसान नहीं होगा.

विपक्षी सांसदों से मुसलमानों को गुमराह न करने की अपील करते हुए किरेन रिजिजू ने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो फैसला लिया है, वह बहुत सोच-समझ कर किया है. वे (विपक्षी सदस्य) बार-बार कह रहे हैं कि हम मुसलमानों को डरा रहे हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. हम नहीं, बल्कि आप मुसलमानों को डराने का काम कर रहे हैं. जिन लोगों ने कहा था कि सीएए पारित होने के बाद मुस्लिमों की नागरिकता छिन जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. आप इस बिल को लेकर मुसलमानों को गुमराह नहीं कीजिए.”

मंत्री ने कहा कि जब यह बिल ड्राफ्ट हुआ तो उसमें सभी के सुझाव को ध्यान में रखा गया. वक्फ बिल के मूल ड्राफ्ट और मौजूदा ड्राफ्ट को देखें तो उसमें हमने कई बदलाव किए हैं. ये बदलाव सबके सुझाव से ही हुए हैं. जेपीसी में ज्यादातर लोगों के सुझाव स्वीकार हुए हैं. सारे सुझाव स्वीकार नहीं हो सकते. जेपीसी में शामिल दलों के सांसदों ने आरोप लगाया कि उनके सुझाव को नहीं सुना गया. लेकिन ऐसी स्थिति में हमने बहुमत से फैसला किया. लोकतंत्र में ऐसा ही होता है.

मंत्री ने कहा कि वक्फ बोर्ड के 11 सदस्यों में तीन से ज्यादा गैर-मुस्लिम नहीं होंगे इसका प्रावधान किया गया है, ताकि मुसलमानों के हितों के साथ समझौता न हों. साथ ही उन्होंने कहा कि जेपीसी में विपक्ष की आपत्तियों को ध्यान में रखते हुए इसे पूर्व प्रभाव से लागू नहीं किया गया है.

उन्होंने कहा कि हर जिले में जो भी जमीनी विवाद होता है, उसे कलेक्टर देखता है. आपको वक्फ में कलेक्टर को रखने पर आपत्ति थी, इसलिए हमने उससे ऊपर के अफसर को रखा है. वे बार-बार बोलते हैं कि मुसलमानों के बारे में भाजपा क्यों चिंता करती है. लोगों ने नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाया, तो क्या उन्हें मुसलमानों की चिंता नहीं करनी चाहिए.

उन्होंने कहा, “हमने बार-बार कहा कि वक्फ संपत्ति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. विपक्ष ने बहुत से मंदिरों की बात ही है. वहां की काउंसिल में गैर धार्मिक व्यक्ति सदस्य नहीं होता है. वक्फ बोर्ड का कोई विवाद हिंदु-मुस्लिम के बीच होगा तो उसे कैसे निपटाया जाएगा.”

रिजिजू ने कहा, “आप कहते हैं कि मुसलमानों में बहुत गरीबी है और गरीबों के बारे में सरकार को सोचना चाहिए. आजादी के बाद कांग्रेस दशकों तक सरकार में थी. तो ऐसे में कांग्रेस ने इसके लिए काम क्यों नहीं किया. अब हमें गरीबों के बारे में सोचना पड़ रहा है. हमने बार-बार कहा है कि वक्फ की संपत्ति में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जा रहा है. अगर हिंदू और मुसलमान के बीच वक्फ की जमीन को लेकर विवाद होता है, तो उसका निर्णय कैसे होगा.”

एससीएच/एकेजे

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