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दिल्ली : हॉटस्पॉट में प्रदूषण कम करने के लिए पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन से पानी का छिड़काव शुरू

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नई दिल्ली, 8 नवंबर . दिल्ली में हॉटस्पॉट जोन में प्रदूषण कम करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने पायलट प्रोजेक्ट के रूप में ड्रोन से पानी का छिड़काव शुरू किया है. शुक्रवार को दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के 13 हॉटस्पॉट पर प्रदूषण का स्तर सामान्य से ज्यादा होता है. इन हॉटस्पॉट पर प्रदूषण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए आनंद विहार हॉटस्पॉट पर ड्रोन से पानी के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया.

उन्होंने बताया कि हॉटस्पॉट में सड़कों के अलावा अन्य जगहों में ड्रोन से पानी के छिड़काव को लेकर पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है. सड़कों पर मोबाइल एंटी स्मॉग गन से छिड़काव किया जा रहा है. लेकिन, सड़क के अलावा अन्य जगहों पर छिड़काव के लिए आनंद विहार में ड्रोन से पानी के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया. पायलट प्रोजेक्ट सफल होने पर हॉटस्पॉट में सड़कों के अलावा अन्य जगहों पर पानी के छिड़काव में इससे मदद मिलेगी. हमारा उद्देश्य है कि टेक्नोलॉजी के आधुनिकीकरण का ज्यादा-से-ज्यादा उपयोग प्रदूषण को दूर करने में किया जाए. अभी हमने पायलट प्रोजेक्ट के तहत आनंद विहार हॉटस्पॉट पर ड्रोन से पानी का छिड़काव किया है. यह ड्रोन 15 लीटर तक पानी अपने साथ लेकर ऊपर से छिड़काव कर सकता है. छिड़काव के बाद इसका क्या असर होता है, इसकी रिपोर्ट पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी को भेजी जाएगी.

उन्होंने बताया कि पर्यावरण विभाग और डीपीसीसी के इंजीनियर इसका विश्लेषण करके रिपोर्ट हमें सौपेंगे और उस आधार पर और ज्यादा प्रभावी कदम उठाए जाएंगे. अगर यह प्रोजेक्ट सफल रहा तो हम अन्य हॉटस्पॉट पर भी इससे छिड़काव करवाएंगे. सर्दियों के मौसम में होने वाले प्रदूषण की समस्या से निपटने के लिए 25 सितंबर को 21 फोकस प्वाइंट पर आधारित विंटर एक्शन प्लान की सरकार ने घोषणा की थी. इस विंटर एक्शन प्लान के तहत प्रमुख पहलों में से एक ड्रोन तकनीक का उपयोग करके हॉटस्पॉट पर प्रदूषण कम करना है. हमने दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां अधिक प्रदूषण होता है. पहली बार हॉटस्पॉट्स पर पर्यावरण विभाग द्वारा ड्रोन के जरिए पानी के छिड़काव के प्रदर्शन के रूप में शुक्रवार को आनंद विहार हॉटस्पॉट में ड्रोन से छिड़काव कराया गया.

गोपाल राय ने बताया कि 13 हॉटस्पॉट के लिए बने अलग-अलग एक्शन प्लान के आधार पर काम किया जा रहा है. सरकार ने इसके लिए 13 कोआर्डिनेशन टीम बनाई हैं. धूल प्रदूषण कम करने के लिए हॉटस्पॉट वाले इलाकों में 80 मोबाइल एंटी स्मॉग गन लगाए गए हैं. साथ ही एमसीडी के डीसी को सभी संबंधित अधिकारियों के साथ हॉटस्पॉट का लगातार दौरा करने का निर्देश दिया गया है. 13 संबंधित विभागों के अधिकारी दिल्ली के अंदर अलग-अलग स्थानों पर चल रहे निर्माण स्थलों का निरीक्षण कर रहे हैं और मानदंडों के उल्लंघन पर कार्रवाई कर रहे हैं. सभी टीमों को लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है. 68 स्टैटिक एंटी-स्मॉग गन को सड़कों और खुले क्षेत्रों में तैनात किया गया, ताकि सड़क की धूल को फिर से फैलने से रोका जा सके. 200 मोबाइल एंटी-स्मॉग गन 70 विधानसभा और हॉटस्पॉट में तैनात किए गए हैं, ताकि सड़क पर और खुले क्षेत्र में धूल को कम किया जा सके.

उन्होंने आगे बताया कि ऊंची इमारतों के ऊपर भी 146 एंटी-स्मॉग गन लगाई गई हैं. शहर में वायु प्रदूषण स्रोतों की पहचान और उसका निदान करने में ड्रोन तकनीक एक महत्वपूर्ण उपकरण है. उन्नत सेंसर से लैस ड्रोन भीड़भाड़ वाले शहरी क्षेत्रों, औद्योगिक क्षेत्रों और उन क्षेत्रों तक पहुंचने में सक्षम हैं, जहां पारंपरिक तरीकों से छिड़काव करना मुश्किल है. ड्रोन के माध्यम से प्रदूषक स्रोतों को कम करने के लिए लक्षित पानी का छिड़काव संभव होगा.

पीकेटी/एबीएम

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