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दक्षिण कोरिया : अपने महाभियोग पर फैसला सुनने अदालत में पेश नहीं होंगे राष्ट्रपति यून

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सोल, 3 अप्रैल . दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून सुक योल अपने महाभियोग पर फैसला सुनने के लिए संवैधानिक न्यायालय के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे. उनकी कानूनी टीम ने गुरुवार को यह जानकारी दी.

यून की कानूनी टीम के अनुसार, यह निर्णय सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, क्योंकि भीड़भाड़ की आशंका है.

बता दें संवैधानिक न्यायालय ने कहा कि वह शुक्रवार को सुबह 11 बजे यून के महाभियोग पर अपना फैसला सुनाएगा. यून फिलहाल सोल स्थित अपने आवास में रह रहे हैं.

फैसले का सीधा प्रसारण किया जाएगा, साथ ही आम जनता की उपस्थिति भी सुनिश्चित की जाएगी.

यून पर 3 दिसंबर को मार्शल लॉ लागू करके संविधान और कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में राष्ट्रीय असेंबली की ओर से महाभियोग लगाया गया था.

जनवरी में, यून को गिरफ्तार किया गया और आपराधिक विद्रोह के आरोप में दोषी ठहराया गया. पिछले महीने सोल जिला अदालत ने उनकी गिरफ्तारी रद्द करने और उन्हें शारीरिक रूप से हिरासत में लिए बिना मुकदमे का सामना करने की अनुमति दी जिसके बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया.

दक्षिण कोरिया के कार्यवाहक राष्ट्रपति हान डक-सू ने देश से महाभियोग पर अदालत के फैसले को स्वीकार करने की अपील की है. अन्य नेताओं ने भी हिंसा भड़काने वाले बयान देने से बचने का पुरजोर आह्वान किया है..

फैसले को देखते हुए बड़े पैमाने पर सुरक्षा तैयारियां की गई हैं.

दक्षिण कोरियाई पुलिस ने सोल में लगभग 14,000 कर्मियों को तैनात करने का फैसला किया है.

राष्ट्रीय पुलिस एजेंसी ने पुलिस बलों को ‘गैफो’ अलर्ट पर रखा है, जो उच्चतम स्तर है और सभी उपलब्ध पुलिस बलों को आपातकालीन स्टैंडबाय पर रखता है.

सभी संवैधानिक न्यायालय के जजों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पुलिस संवैधानिक न्यायालय परिसर में घुसने का प्रयास करने वालों को तुरंत गिरफ्तार कर लेगी.

संवैधानिक न्यायालय यदि महाभियोग प्रस्ताव को बरकरार रखता है, तो यून को पद से हटा दिया जाएगा. अगर इसे खारिज कर दिया जाता है, तो उन्हें मई 2027 तक अपने शेष कार्यकाल को पूरा करने के लिए बहाल कर दिया जाएगा.

बता दें राष्ट्रपति यून ने 03 दिसंबर की रात को दक्षिण कोरिया में आपातकालीन मार्शल लॉ की घोषणा की, लेकिन संसद द्वारा इसके खिलाफ मतदान किए जाने के बाद इसे निरस्त कर दिया गया. मार्शल लॉ कुछ घंटों के लिए ही लागू रहा लेकिन इसने देश की राजनीति को हिला कर रख दिया.

नेशनल असेंबली ने राष्ट्रपति यून सुक-योल के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित किया. प्रधानमंत्री हान डक-सू ने उनकी जगह ली लेकिन उनके खिलाफ भी महाभियोग पारित हुआ. इसके बाद उप प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री चोई सांग-मोक कार्यवाहक राष्ट्रपति और कार्यवाहक प्रधानमंत्री दोनों की जिम्मेदारी संभालने लगे. हालांकि 24 मार्च को संवैधानिक न्यायालय ने प्रधानमंत्री हान डक-सू के महाभियोग को खारिज कर दिया और उन्हें कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में बहाल कर दिया.

एमके/

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