Shani Ki Sadhesati: शनि ग्रह का गोचर हमारी राशि के जीवन में कई तरह के बदलाव लाता है। 29 मार्च 2025 को शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में गोचर करेंगे, जिसके कारण मेष राशि के जातकों को शनि की साढ़ेसाती का सामना करना पड़ेगा।शनि की साढ़ेसाती एक ऐसा काल है जो करीब 7.5 वर्षों तक चलता है और यह तीन चरणों में विभाजित होता है। मेष राशि के जातकों को इस समय काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन इसके प्रभाव को कुछ उपायों से कम किया जा सकता है।
शनि की साढ़ेसाती के तीन चरण
मेष राशि पर शनि की साढ़ेसाती का नकारात्मक प्रभाव
शनि की साढ़ेसाती का असर मेष राशि के जातकों पर कई रूपों में देखा जा सकता है:
- नौकरी और व्यवसाय में परेशानी: इस दौरान नौकरीपेशा जातकों को ऑफिस में दिक्कतें हो सकती हैं। वरिष्ठों से तनाव बढ़ सकता है और कोई महत्वपूर्ण कार्य विफल हो सकता है। व्यवसाय में घाटा या नुकसान हो सकता है।
- आर्थिक संकट: पैसों की तंगी हो सकती है, और यह स्थिति इस समय बहुत नकारात्मक हो सकती है। कर्ज लेने की नौबत तक आ सकती है।
- स्वास्थ्य समस्याएं: स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है, खासकर सिर से जुड़ी समस्याएं (जैसे सिरदर्द, माइग्रेन आदि)। इसके अलावा, शारीरिक थकान और मानसिक तनाव भी हो सकता है।
- रिश्तों में तनाव: इस दौरान घर का माहौल नकारात्मक हो सकता है। पार्टनर से हर छोटी बात पर झगड़े हो सकते हैं, और परिवार में सामंजस्य बनाए रखना मुश्किल हो सकता है।
शनि की साढ़ेसाती के नकारात्मक प्रभाव से बचने के उपाय
शनि की साढ़ेसाती को पूरी तरह से खत्म करना संभव नहीं है, लेकिन इसके नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए कुछ उपाय किए जा सकते हैं:
शनि की साढ़ेसाती मेष राशि के जातकों के लिए एक चुनौतीपूर्ण समय हो सकता है, लेकिन यदि सही उपाय किए जाएं तो इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। शनि के कड़े समय को सहजता से पार करने के लिए धैर्य और सही दिशा में प्रयास करना आवश्यक है। शनि देव के प्रति श्रद्धा और नियमित पूजा से उनका आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं, जो आपके जीवन को बेहतर बना सकता है।
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