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मुसलमानों को स्वीकार नहीं वक्फ बिल! अलीगढ़ में मुफ़्ती बोला- वापस नहीं लिया तो भारत के टुकड़े होने तय, 1947 याद दिला दूंगा..

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Waqf Bill: वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद कई राज्यों में मुस्लिमों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। कई मौलानाओं और इमामों द्वारा आपत्तिजनक बयान दिए जा रहे हैं। इन सबके बीच अलीगढ़ में एक मुफ़्ती के विवादित टिप्पणी से माहौल गर्म हो गया है।

गिरफ़्तारी की मांग

दरअसल अलीगढ़ में मुफ्ती अकबर काजमी ने कहा है कि यह बिल मुसलमानों को स्वीकार नहीं है। अगर सरकार यह बिल वापस नहीं लेती है तो फिर देश में 1947 जैसे हालात पैदा होंगे। शुक्रवार को एक नुक्कड़ सभा में बोलते हुए मुफ्ती अकबर काजमी ने कहा कि यह बिल केंद्र सरकार को वापस लेना ही पड़ेगा। वहीं मुफ़्ती के इस टिप्पणी से हिंदूवादी संगठन के लोग भड़क गए हैं। बजरंग दल और भाजपा खेमे के लोगों ने देहलीगेट और रोरावर थाने में मुफ़्ती के खिलाफ तहरीर दी है। उसकी गिरफ़्तारी की मांग की जा रही।

नए वक़्फ़ बिल में क्या है?

नए विधेयक के अनुसार, संपत्ति का मालिक ट्रिब्यूनल के अलावा रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या अन्य उच्च न्यायालय में अपील कर सकेगा। वक्फ ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की जा सकेगी। जब तक किसी ने संपत्ति वक्फ को दान नहीं की है, तब तक वह वक्फ संपत्ति नहीं होगी। भले ही उस संपत्ति पर मस्जिद क्यों न बनी हो। वक्फ बोर्ड में 2 महिलाएं और 2 अन्य धर्म के सदस्य नियुक्त किए जा सकेंगे।

 

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