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पेट्रोल के खर्चे से बचने के लिए खरीदने जा रहे हैं ईवी, तो पहले जान लें ईवी के इन खर्चों के बारे में, बाद में नहीं होगा पछतावा

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आजकल लोग इलेक्ट्रिक व्हीकल्स यानी ईवी की तरफ काफी तेजी से बढ़ रहे हैं. लोग समझते हैं कि ईवी खरीदने से उनका पेट्रोल का खर्चा खत्म हो जाएगा. साथ में पर्यावरण को भी नुकसान नहीं पहुंचेगा. ऐसे में अगर आप भी पेट्रोल के खर्चे से बचने के लिए ईवी खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको बता दें कि ईवी खरीदना आपके लिए काफी महंगा पड़ सकता है. दरअसल, ईवी के खर्चे पेट्रोल के खर्चे से ज्यादा होते हैं. ऐसे में ईवी खरीदने से पहले आपको इसके खर्चों के बारे में भी जरूर जान लेना चाहिए. आइए जानते हैं. ईवी खरीदने के बाद होने वाले खर्चेएंजल इन्वेस्टर उदित गोयनका ने हाल ही में एक्स पर पोस्ट करते हुए उन खर्चों के बारे में बताया कि जो कि एक ईवी खरीदने के बाद करने पड़ते हैं. अपने पोस्ट में उदित गोयनका ने बताया कि कैसे गाड़ी खरीदने वाले लोग अक्सर इंस्टालेशन और इंफ्रास्ट्रक्चर के खर्चों को नहीं समझ पाते. अपने पोस्ट में गोयनका ने लिखा कि "इन अनचाहे छुपे हुए खर्चों की वजह से आपको कम से कम 6,000 किलोमीटर चलने के बाद ही पैसे बचने शुरू होते हैं." अपने एक्स पोस्ट में उदित गोयनका ने कई ऐसे भारी-भरकम खर्चे भी बताए हैं, जो आपको कोई डीलर ईवी खरीदते समय नहीं बताएगा. ऐसे में आपके लिए इन खर्चों के बारे में जानना बहुत जरूरी है.
  • एप्लीकेशन को जल्दी करवाने के लिए 10,000 रुपये का खर्चा
  • EV मीटर लगवाने के लिए 27,000 रुपये का खर्चा
  • कार को चार्ज करने के लिए चार्जर लगवाने के लिए 5,000 से 30,000 रुपये तक का खर्चा, जिसमें 10 मीटर से ज़्यादा दूरी होने पर 500 रुपये प्रति मीटर का चार्ज लगता है.
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