Next Story
Newszop

जोफ्रा और यशस्वी ने ऐसा क्या किया कि पंजाब का अभियान पटरी से उतरा

Send Push
Getty Images राजस्थान रॉयल्स की जीत में तेज़ गेंदबाज़ जोफ्रा आर्चर ने अहम भूमिका निभाई

संजू सैमसन के आईपीएल के इस सीज़न में पहली बार कप्तान के तौर पर मैदान में उतरते ही राजस्थान रॉयल्स की किस्मत बदल गई और उन्होंने पंजाब किंग्स को 50 रनों से हरा दिया.

राजस्थान की यह लगातार दूसरी जीत है. राजस्थान की जीत के हीरो यशस्वी जायसवाल और जोफ्रा आर्चर रहे. यशस्वी ने यहां स्कोर को 205 रन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई.

वहीं, आर्चर ने शुरुआत में ही पंजाब किंग्स की कमर तोड़ दी. पंजाब किंग्स की घर वापसी अच्छी नहीं रही. वह पहले दो मैच जीतकर घरेलू मैदान पर लौटी, पर उसे 50 रनों से मैच हारना पड़ा.

राजस्थान रॉयल्स ने सीज़न की शुरुआत दो मैच हारकर की, पर वह लगातार दो मैच जीतकर फिर से पटरी पर लौट आई है.

image BBC

बीबीसी हिंदी के व्हॉट्सऐप चैनल से जुड़ने के लिए यहाँ करें

image BBC ये भी पढ़ें
यशस्वी लौटे रंगत में image Getty Images यशस्वी जायसवाल ने इस मैच में पारी जमाने का प्रयास किया, जिसमें वो सफल भी रहे

यशस्वी जायसवाल इस सीज़न में अपने बल्ले से जौहर नहीं दिखा पा रहे थे. लेकिन, वह पहली बार अपनी रंगत में खेलते दिखे और इस सीज़न का पहला अर्धशतक जमाया, जो कि उनके आईपीएल करियर का दसवां अर्धशतक है.

यशस्वी को जिस तरह के खेल के लिए जाना जाता है, उसके बजाय उन्होंने पारी जमाने का प्रयास किया.

इस कारण ही वह 39 गेंदों में 46 रन बना सके. हालांकि, उन्होंने अगली पांच गेंदों में 21 रन बनाकर अपने स्कोर को 67 रन तक पहुंचाया. मगर, यह अर्धशतक उनका सबसे धीमा अर्धशतक रहा.

यशस्वी ने लॉकी फ़र्ग्युसन की गेंद पर बोल्ड होने से पहले तीन चौके और पांच छक्के लगाए.

उनका खेल इसलिए भी सराहनीय रहा क्योंकि पंजाब के गेंदबाज़ों के स्लोअर गेंदों का ज़्यादा इस्तेमाल करने से तेज़ी से खेलना थोड़ा मुश्किल था.

लेकिन, यशस्वी और सैमसन ने ढीली गेंदों पर बड़े शॉट खेलकर, रनों की रफ़्तार को थमने नहीं दिया.

ये भी पढ़ें
जोफ्रा के कहर ने ढहा दी पंजाब की पारी image Getty Images राहुल द्रविड़ राजस्थान रॉयल्स की यंग ब्रिगेड का ऐसा तालमेल बैठाने में कामयाब होते दिख रहे हैं, जिससे टीम जीत की ओर बढ़े

जोफ्रा आर्चर के बारे में कहा जाता है कि वह अच्छी गति से गेंदबाज़ी करना पसंद करते हैं. यह काम वह पहली ही गेंद से करते हैं. वह लगातार 145 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से गेंदबाज़ी कर रहे थे.

जोफ्रा आर्चर ने अपनी पहली ही गेंद पर प्रियांश आर्य को गति से मात देकर बोल्ड किया. इसके बाद श्रेयस अय्यर ने आते ही दो चौके लगाकर दबदबे को तोड़ने का प्रयास किया.

लेकिन, जोफ्रा ने एक बार फिर 150 किलोमीटर की रफ़्तार वाली गेंद फेंककर श्रेयस को बोल्ड करके पंजाब को जो झटका दिया, उससे वह कभी उबरती नज़र नहीं आई.

उन्होंने पारी के आखिरी ओवर में अर्शदीप सिंह के रूप में तीसरा विकेट लिया. उन्होंने तीन विकेट मात्र 25 रन देकर लिए. इस प्रदर्शन पर उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया.

जोफ्रा ने प्लेयर ऑफ द मैच चुने जाने पर कहा, "हर दिन एक सा नहीं होता है, इसलिए सफल दिन का लुत्फ़ उठाओ और ख़राब दिन पर सब्र करना चाहिए."

राजस्थान रॉयल्स के सामूहिक प्रयासों का ही यह नतीजा था, जो टीम बड़ा लक्ष्य रखने में सफल रही.

असल में यशस्वी और संजू सैमसन के प्रयासों के बाद रियान पराग और सिमरन हेटमायर की पारियों ने ही टीम को मज़बूती की तरफ बढ़ाया.

सही मायनों में कोच राहुल द्रविड़ चार सीनियर खिलाड़ियों के चले जाने पर भी यंग ब्रिगेड को विनिंग कॉम्बिनेशन में बदलने में कामयाब हो गए हैं.

ये भी पढ़ें
संजू सैमसन की सफल वापसी image Getty Images संजू सैमसन ने कप्तान के तौर पर लौटते ही राजस्थान रॉयल्स की किस्मत बदल दी

संजू सैमसन ने इस सीज़न के पहले तीन मैच इंपैक्ट खिलाड़ी के तौर पर खेले थे. एनसीए ने उन्हें पूरी तरह फिट घोषित नहीं किया था, इस कारण वह विकेटकीपिंग भी नहीं कर रहे थे.

रियान पराग ने पहले तीन मैचों में कप्तानी की थी. पर संजू ने कप्तान के तौर पर लौटते ही टीम की किस्मत बदल दी.

श्रेयस का टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का फै़सला भी राजस्थान रॉयल्स के पक्ष में गया.

असल में श्रेयस अय्यर ने यह फै़सला इस हिसाब से लिया था कि बाद में ओस से गेंद पर असर पड़ेगा और वह उन्हें 170-180 तक रोकने की उम्मीद कर रहे थे.

पर राजस्थान के 200 पार चले जाने ने पंजाब पर दबाव बना दिया.

संजू सैमसन ने बाद में कहा, "हमारे पास जोफ्रा और संदीप के रूप में एक बेहतरीन गेंदबाजी कॉम्बिनेशन है. जोफ्रा 150 किमी की रफ़्तार निकालते हैं और संदीप 115 किमी की रफ़्तार से गेंदबाज़ी करते हैं. इन दोनों पर दबाव वाले ओवर्स में भरोसा किया जा सकता है."

ये भी पढ़ें
पावरप्ले में ही मैच रॉयल्स की ओर image Getty Images जोफ्रा आर्चर ने इस मुक़ाबले में पंजाब किंग्स को शुरुआती झटके देकर उसकी मुश्किलें बढ़ा दी थीं

राजस्थान रॉयल्स ने इस सीज़न में पहली बार पावरप्ले बिना विकेट गंवाए निकाला. संजू सैमसन और जायसवाल ने छह ओवरों में 53 रन जोड़कर बड़ा स्कोर बनाने का संकेत दिया.

बाद में हेटमायर और रियान पराग के दम पर टीम मुल्लांपुर में 200 से ज़्यादा स्कोर बनाने वाली पहली टीम बन गई.

राजस्थान के गेंदबाज़ों, खासकर जोफ्रा आर्चर ने पहले ही ओवर में प्रियांश आर्य और कप्तान श्रेयस अय्यर के विकेट निकालकर मैच के परिणाम को काफी हद तक तय कर दिया था.

image BBC

वहीं, संदीप शर्मा के चौथे ओवर में मार्कस स्टोइनिस के पवेलियन लौटने से स्कोर तीन विकेट पर 26 रन हो गया.

कुछ ही समय बाद इम्पैक्ट प्लेयर कुमार कार्तिकेय ने गेंदबाज़ी अटैक पर आते ही अच्छी लय में चल रहे प्रभसिमरन को लौटाकर सारी उम्मीदें ही तोड़ दीं.

वैसे भी वह इस मैच में उस तरह का प्रदर्शन नहीं कर सके, जिसके लिए जाने जाते हैं.

ये भी पढ़ें
दो गेंदों में दो विकेट ने उम्मीदों पर लगाया विराम image Getty Images ग्लेन मैक्सवेल ने अपनी बल्लेबाज़ी से कोशिश ज़रूर की, लेकिन वो पंजाब को जीत नहीं दिला सके

नेहल वढेरा और ग्लेन मैक्सवेल के विकेट पर टिककर खेलने से एक बार पंजाब के प्रशंसकों की उम्मीदें जोर मारने लगीं. वैसे भी मैक्सवेल को हमेशा ही कुछ अप्रत्याशित करने के लिए जाना जाता है.

पर उनकी समस्या प्रदर्शन में एकरूपता में कमी होना है. वह इस मैच में जिस तरह से खेल रहे थे, उससे लगने लगा था कि कुछ खास होने वाला है.

मैक्सवेल ने पहले नेहल वढेरा के सहयोगी की भूमिका निभाई और साथ में खुद भी बड़े शॉट खेले. इन दोनों के बीच 88 रन की साझेदारी बन जाने से लक्ष्य पंजाब की पहुंच में नजर आने लगा था.

इस स्थिति में श्रीलंकाई स्पिनरों तीक्ष्णा और हसरंगा ने दो गेंदों में दोनों के विकेट निकालकर राजस्थान रॉयल्स की जीत तय कर दी.

15वें ओवर की आखिरी गेंद पर तीक्षणा ने मैक्सवेल को यशस्वी के हाथों कैच कराया और हसरंगा ने अगले ओवर की पहली गेंद पर नेहल को ध्रुव जुरेल के हाथों लपकवाकर राजस्थान की जीत पक्की कर दी.

ये भी पढ़ें
धोनी की धीमी बल्लेबाज़ी ने बढ़ाई सीएसके की चिंता image Getty Images एमएस धोनी इस मुकाबले में 26 गेंदों में 30 रन ही बना सके

दिल्ली कैपिटल्स ने लगातार तीसरी जीत पाकर खुद को अंक तालिका में शिखर पर पहुंचा दिया. उन्होंने चेन्नई सुपरकिंग्स को 25 रनों से हराया. दिल्ली की जीत के हीरो केएल राहुल रहे.

राहुल की छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से बनाए 77 रनों की पारी ने टीम को छह विकेट पर 183 रनों तक पहुंचाने में मदद की.

चेन्नई सुपरकिंग्स विजय शंकर और महेंद्र सिंह धोनी की धीमी पारियों से पांच विकेट पर 158 रनों तक ही पहुंच सकी.

चेन्नई की इस हार के दौरान साफ दिखा कि धोनी अपनी पुरानी चमक खो चुके हैं. वह 26 गेंदों में 30 रन ही बना सके और दूसरे नाबाद बल्लेबाज विजय शंकर का भी यही हाल रहा. उन्होंने रन तो 69 बनाए पर इसके लिए 54 गेंदें खेल लीं.

बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां कर सकते हैं. आप हमें , , , और पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

ये भी पढ़ें
image
Loving Newspoint? Download the app now