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राजस्थान के इस जिले में गिरेंगी 200 से अधिक स्कूल बिल्डिंग, 84 संस्थान होंगे प्रभावित

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हाल ही में राजस्थान के झालावाड़ में एक स्कूल की इमारत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई। इस घटना की जाँच जारी है। लेकिन इस बीच, राजस्थान के अन्य ज़िलों में भी जर्जर स्कूल भवनों को गिराने का निर्णय लिया जा रहा है। इसी कड़ी में, शिक्षा विभाग ने करौली ज़िले के 84 सरकारी स्कूलों में मौजूद जर्जर और अनुपयोगी भवनों को गिराने का निर्णय लिया है। भवनों को गिराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। बताया जा रहा है कि लंबे समय से अनुपयोगी पड़े इन भवनों में कक्षाएँ, कार्यालय, शौचालय और रसोई शामिल हैं, जिनकी संख्या 200 से ज़्यादा है।

प्रस्ताव पर लिया गया निर्णय

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी गोपाल प्रसाद मीणा ने बताया कि कई स्कूल प्रधानों ने इन भवनों की दुर्दशा को लेकर प्रस्ताव भेजे थे। इसके बाद सहायक अभियंता द्वारा तकनीकी जाँच कर रिपोर्ट तैयार की गई। ज़िला स्तरीय समिति ने रिपोर्ट पर विचार किया और तुरंत उसे मंज़ूरी दे दी। जाँच में पता चला कि इन भवनों में बड़ी-बड़ी दरारें थीं और इनमें पढ़ाई करना बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकता था। कुछ भवनों का इस्तेमाल सिर्फ़ स्टोर रूम के तौर पर किया जा रहा था, जबकि कई दशकों से पूरी तरह बंद पड़े थे।

कहाँ कितने स्कूल होंगे प्रभावित

जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई जिले के सभी आठ ब्लॉकों में एक साथ की जा रही है। इनमें से सबसे ज़्यादा 25 स्कूल हिंडौन ब्लॉक में प्रभावित होंगे। इसके अलावा, श्री महावीरजी ब्लॉक में 14, नादौती में 13, मासलपुर में 9, टोडाभीम में 8, करौली ब्लॉक में 6, मंडरायल में 5 और सपोटरा में 4 स्कूलों के भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि भवनों को ध्वस्त करने का काम केवल छुट्टियों के दिनों में ही किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई पर कोई असर न पड़े। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, समग्र शिक्षा अभियान के तहत यह पहल की जा रही है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित और अनुकूल शैक्षणिक वातावरण प्रदान करना है।

साथ ही, शिक्षा विभाग ने आश्वासन दिया है कि भविष्य में आवश्यकतानुसार इन स्थानों पर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा, ताकि जिले में शिक्षा का बुनियादी ढांचा मजबूत हो सके। इस निर्णय से न केवल विद्यार्थियों को सुरक्षित वातावरण मिलेगा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था भी बेहतर दिशा में आगे बढ़ेगी।

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