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राजस्थान में 30 अप्रैल तक हटा सकते है अपात्र लाभार्थियों के नाम, Bhilwara में अबतक इतने हजार लोगों ने छोड़ा एनएफएसए

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खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा के निर्देश पर पूरे राज्य में महत्वाकांक्षी गिव अप अभियान 03 दिसंबर 2024 को शुरू किया गया था, जिसका पूरे राज्य में व्यापक असर रहा और अब तक भीलवाड़ा जिले में करीब 13500 लोगों ने गिव अप योजना का लाभ छोड़ दिया है। जिला रसद अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री की 2014 की गैस सब्सिडी गिव अप योजना की तर्ज पर माननीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने एनएफएसए योजना का शुभारंभ किया।

ये लोग हैं योजना में अपात्र
जिन परिवारों में कोई आयकर दाता है, कोई परिवार जिसका सदस्य सरकारी, अर्धसरकारी, स्वायत्तशासी संस्थाओं में कर्मचारी, अधिकारी है, वार्षिक पारिवारिक आय एक लाख से अधिक है तथा परिवार के किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन (आजीविका के लिए उपयोग किए जाने वाले वाहन जैसे ट्रैक्टर आदि को छोड़कर) है, वे अपात्र सूची में आते हैं, उनसे जनहित में एनएफएसए योजना का लाभ स्वेच्छा से छोड़ने की अपील की गई है।

कानूनी कार्रवाई की जाएगी
इसके बाद अपात्र पाए जाने पर उनसे नियमानुसार 27 रुपए प्रति किलो के हिसाब से खाद्यान्न वसूला जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पहले यह योजना 31 मार्च 2025 तक लागू थी, लेकिन सरकार ने इसकी अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 अप्रैल 2025 कर दी है। सरकार की मंशा एनएफएसए योजना में शामिल अपात्र व्यक्तियों को योजना से हटाने तथा एनएफएसए योजना के लाभ से वंचित गरीब परिवारों को एनएफएसए योजना में शामिल कर उन्हें सशक्त बनाने की है।

भीलवाड़ा जिले में एनएफएसए योजना में 50 हजार व्यक्ति
गिव अप योजना के तहत प्रदेश भर में लाखों लोगों ने एनएफएसए सूची से अपना नाम हटवाया है। यही कारण है कि 26 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2025 तक प्रदेश भर में 15 लाख से अधिक वंचित पात्र लोगों को एनएफएसए योजना में शामिल किया गया है। अकेले भीलवाड़ा जिले में अब तक 50 हजार से अधिक लोग एनएफएसए योजना से लाभान्वित हो चुके हैं।

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